Published On: Fri, Jul 26th, 2013

बब्बर और रशीद के बाद फारूक बेच रहे हैं एक रुपये में खाना

Gudden.in Online Shopping

[ A+ ] /[ A- ]

नई दिल्ली। मुम्बई में 12 रुपये में और दिल्ली में 5 रुपये में खाना परोसकर राज बब्बर और रशीद मसूद भारत के आम और भोले जनता को बेवकूफ बना रहे हैं। ये दोनों पूरी तरह से जनता को लूटने की फिराक में हैं। इनके चक्कर में मत पड़ना। अन्यथा आपको खाने के लिए एक रुपये के बजाए 12 रुपये और 5 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। ऐसा कहना है फारूक अब्दुल्ला का, जिन्होंने इन दोनों का भेद खोला है। सच कहा जाता है मुस्लिम ईमानदार होता है और इमान का पकका होता है। इसका उदाहरण है फारूक साहब। इनका कहना है कि इस देश के लोगों में अगर इच्छा हो तो एक रुपये में ही भरपेट खाना मिल जाता है। ये हुई न सच्चे ईमान की बात! फारूक साहब ने सबको लूटने से बचा लिया?

जनता भोजनयोजना आयोग के गरीबी के आंकड़ों के बचाव में कांग्रेस के होनहार नेताओं ने बेतुके बयानों की बारिश कर ही दी थी, साथ ही अब योजना आयोग की वकालत करने के चक्कर में यूपीए सरकार के केंद्रीय मंत्री फारूक अब्दुल्ला का भी हैरतअंगेज बयान सामने आया है। फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि पेट तो एक रुपये में भी भरा जा सकता है बस इच्छा होनी चाहिए। हालांकि, फारूक ने यह नहीं बताया कि एक रुपये में भरपेट खाने की इच्छा कैसे पूरी की जा सकती है। एक रुपये वाला खाना कहां मिलता है, इसका पता भी नहीं बताया।

इसके पहले कांग्रेस प्रवक्ता राज बब्बर ने बुधवार को कहा था कि मुंबई में 12 रुपये में भरपेट भोजन किया जा सकता है, तो गुरुवार को कांग्रेस नेता रशीद मसूद ने दावा कर डाला था कि दिल्ली में भी 5 रुपये में भरपेट खाना मिल जाता है। मसूद ने कहा था कि मुंबई का तो मुझे पता नहीं, लेकिन दिल्ली में जामा मस्जिद के पास 5 रुपये में पेट भरकर खाना मिलता है। हालांकि, कई न्यूज चैनलों ने जब मसूद के दावे की पड़ताल की तो उन्हें मायूसी हाथ लगी। उन्हें 5 रुपये में जामा-मस्जिद इलाके में खाने के लिए कुछ भी नहीं मिला।

राज बब्बर ने कहा था कि आज भी मुंबई में भरपेट भोजन 12 रुपये में करना संभव है। बीजेपी ने बब्बर के इस बयान को हास्यास्पद करार दिया था। हालांकि, बब्बर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके यह समझाने की कोशिश की कि कीमतों में इजाफे के बावजूद देश में गरीबी घटी है। बब्बर ने कहा कि लोगों को दिन में 2 वक्त पूरा भोजन मिलना चाहिए। वे कैसे हासिल कर सकते हैं, यह एक बहुत अच्छा सवाल है जिसे आपने पूछा है। आज भी मुंबई शहर में मैं 12 रुपये में भोजन कर सकता हूं… नहीं नहीं, वड़ा पाव नहीं… ढेर सारा चावल, दाल, सांभर और कुछ सब्जियां भी मिलती हैं। बब्बर ने इसके साथ ही कहा कि वह यह नहीं कह रहे हैं कि यह अच्छा है।

गौरतलब है कि योजना आयोग ने एक्सपर्ट कमिटी के सुझाए मापदंडों के आधार पर गरीबी का नया पैमाना तय किया है। इसके तहत अब गांवों में प्रति व्यक्ति 26 की जगह 27.2 और शहरों में 32 की जगह 33.3 रुपये से ज्यादा खर्च करनेवाले गरीब नहीं कहलाएंगे। आयोग के मुताबिक, 2009-10 में देश में गरीबों की संख्या 40.7 करोड़ थी, जो नई गरीबी रेखा के बाद 2011-12 में घट कर 26.9 करोड़ रह गई है।

समाचार अपने ई-मेल में मगाईये

Leave a comment

XHTML: You can use these html tags: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong>



पोल

भारत को कैसी विचारधारा की जरूरत है?

View Results

Loading ... Loading ...

ताजा खबर

मुंबई। लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान काँग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी...
नई दिल्ली। देश के ऊपर लगे काले दाग को मिटाने के लिए मोदी सरकार ने खजान...
नई दिल्ली। 26 मई को मोदी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लि...
कराची। कराची की तपती गर्मी में शहर के मुख्य प्रेस क्लब के बाहर करीब 20 ...
नई दिल्ली। नरेन्द्र मोदी सरकार को ईरान ने बधाई देते हुए भारत के साथ ज...
नई दिल्ली। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को पूर्व बहुमत से भी अधिक सीटे...
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर की जम्मू शहर और उधमपुर शहर में चुनावी जनसभा ...
अहमदाबाद। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की मा...
गाँधीनगर। प्रधानमंत्री के उम्मीदवार और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन...
नई दिल्ली। काँग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार घोटाले क...

लोकप्रिय ख़बर

© 2014 रिपब्लिक हिन्द प्रसारण नेटवर्क। सभी अधिकार सुरक्षित।